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Abstract
भारत अनेक कलाओं, विचारों और खेलो का देश है और दुनिया भर में लोगों को प्रेरित करने वाले खेल की एक समृद्ध विरासत है। सिन्धु-सरस्वती की सभ्यताओं के माध्यम से हम खेलों के अद्वितीय विकास को देख सकते हैं। वैदिक काल में अनेक खेलों का उल्लेख भारतीय महाकाव्यों में किया गया है। खेल और खेल के विचार व खेलों की उपयोगिता व्यापक दृष्टिकोण हम भलि-भांति अनुभव कर सकते हैं परन्तु आधुनिकता के इस युग में हमनें अपनी विरासत को भुला दिया है इसलिये शायद आज उचित समय है कि हम अपनी संस्कृति और सभ्यता से प्राप्त हुये उन अनुभवों की विस्तृत चर्चा करंे।