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Abstract
स्वराज की ऐतिहासिक पृश्ठभूमि का अध्ययन करने से यह पता चलता है कि इसकी उत्पति के बीज संताल विद्रोह जो 30 जून से 17 मार्च1856 तक अंग्रेजो की दमकारी नीतियों के विरोध में इस देष के आदिवासी लोगों ने चलाया था ।
European Journal of Business and Social Sciences