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Abstract
संस्कृति में ऐसे अनेक संदर्भ उभरते हैं, जो समाज के हर्ष-विवाद, सुख-दुःख, हर्ष-शोक, हंॅंसी-मजाक, प्रवृति-निवृति को उकेरते हैं। किसी प्रदेश अथवा देश की लोक संस्कृति उस देश के जीवन यापन का एक तरीका होता है। लोक संस्कृति में वहां के लोक जीवन की विस्तृत जानकारी मिलती है। एक सामान्य आदमी के जीवन-निर्वाह का तरीका क्या है? उसकी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति किन-किन माध्यमों द्वारा होती है, उनके आचार-विचार कैसे हैं तथा उनके तौर-तरीके क्या हैं आदि की जानकारी लोक संस्कृति में मिलती है। लोक संस्कृति की गति पीढ़ी दर पीढ़ी ंआगे बढती है। हरियाणा वासियों की लोक उपकारक की सांस्कृतिक धरोहर बहुत पुरानी है।संस्कृति में ऐसे अनेक संदर्भ उभरते हैं, जो समाज के हर्ष-विवाद, सुख-दुःख, हर्ष-शोक, हंॅंसी-मजाक, प्रवृति-निवृति को उकेरते हैं। किसी प्रदेश अथवा देश की लोक संस्कृति उस देश के जीवन यापन का एक तरीका होता है। लोक संस्कृति में वहां के लोक जीवन की विस्तृत जानकारी मिलती है। एक सामान्य आदमी के जीवन-निर्वाह का तरीका क्या है? उसकी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति किन-किन माध्यमों द्वारा होती है, उनके आचार-विचार कैसे हैं तथा उनके तौर-तरीके क्या हैं आदि की जानकारी लोक संस्कृति में मिलती है। लोक संस्कृति की गति पीढ़ी दर पीढ़ी ंआगे बढती है। हरियाणा वासियों की लोक उपकारक की सांस्कृतिक धरोहर बहुत पुरानी है।